ये न पूछो कि बस दिसंबर में हूँ अकेला हर एक मंज़र में
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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ये ज़मीं आसमान है कब तक तेरा नाम-ओ-निशान है कब तक उस की जानिब से है तमाशा सब वर्ना ये इम्तिहान है कब तक
Aktar ali
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जिस्म से बू जो मेरे आती है तू कमाई उसी की खाती है
Aktar ali
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जिसे देखा है तुम ने मुस्कुराते उसी ने दिल चुराया है हमारा
Aktar ali
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एक दिन हम भी आप ही की तरह अलविदा ज़िंदगी को कह देंगे
Aktar ali
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एक दिन हम भी आप ही की तरह अलविदा ज़िंदगी को कह देंगे
Aktar ali
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