ज़हर होता है सबके जिस्मों में नब्ज़ यूँँ ही हरी नहीं होती
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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जैसे कि फूल शाख के और चाँद ईद के हम भी तो साथ-साथ हैं पर उस तरह नहीं
Shivam chaubey
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नहीं मिलते हैं मेरे लोग वैसे मिले सूरज-मुखी जैसे किरन से
Shivam chaubey
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हमारे साथ भी रह कर नहीं पिघल पाया नदी की क़ुर्ब में पत्थर नहीं हुआ पानी
Shivam chaubey
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देखो न एक जुर्म की इतनी सज़ा मिली उस ने जुदा भी कर दिया और साथ भी रखा
Shivam chaubey
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शिकायत हम भी करना चाहते हैं मगर ये ज़ब्त हावी हो रहा है
Shivam chaubey
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