ज़माने वो नहीं हैं अब मुहब्बत देखते थे सब करेगी इश्क़ जो मुझ सेे मिरी तनख़्वाह देखेगी
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ज़माने से नहीं बनती मगर हाँ ख़ुदा से ख़ूब बनती है हमारी
Akash Rajpoot
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ज़ख़्म ये उन को भी दिखाना है जो समझते हैं सब फ़साना है
Akash Rajpoot
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ज़ख़्म पुराने भर जाएँगे जब भी, दुनिया देखेंगे सारी दुनिया याद करेगी ऐसी दुनिया देखेंगे एक दफ़ा दिल टूट गया तो हार नहीं ना मानेंगे फिर से इश्क़ करेंगे यारों, हम भी दुनिया देखेंगे
Akash Rajpoot
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वो मुझ को छोड़ कर के क्या गया है सफ़र में नींद अब आने लगी है
Akash Rajpoot
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टेबल पर रक्खी हैं उस की तस्वीरें और कुर्सी पर उस की यादें बैठी हैं कितने मौसम आए कितने बीत गए फिर भी कुछ चीजें वैसी की वैसी हैं
Akash Rajpoot
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