टेबल पर रक्खी हैं उस की तस्वीरें और कुर्सी पर उस की यादें बैठी हैं कितने मौसम आए कितने बीत गए फिर भी कुछ चीजें वैसी की वैसी हैं
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते
Ali Zaryoun
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ज़माने वो नहीं हैं अब मुहब्बत देखते थे सब करेगी इश्क़ जो मुझ सेे मिरी तनख़्वाह देखेगी
Akash Rajpoot
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ज़माने से नहीं बनती मगर हाँ ख़ुदा से ख़ूब बनती है हमारी
Akash Rajpoot
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ज़ख़्म ये उन को भी दिखाना है जो समझते हैं सब फ़साना है
Akash Rajpoot
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वो मुझ को छोड़ कर के क्या गया है सफ़र में नींद अब आने लगी है
Akash Rajpoot
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ज़ख़्म पुराने भर जाएँगे जब भी, दुनिया देखेंगे सारी दुनिया याद करेगी ऐसी दुनिया देखेंगे एक दफ़ा दिल टूट गया तो हार नहीं ना मानेंगे फिर से इश्क़ करेंगे यारों, हम भी दुनिया देखेंगे
Akash Rajpoot
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