ज़िंदगी अब मज़ा नहीं देती काश कोई तो हम सफ़र होता चोट लगती तो हम संभल जाते काश ऐसा भी कुछ हुनर होता
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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ये सोच कर किसी मजनूँ ने हाथ काटे हैं वो हाथ रख दे किसी ज़ख़्म पर तो शादाबी
Hameed Sarwar Bahraichi
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हमारे ख़्वाब समुंदर में डूब जाते हैं सो अपने ख़्वाब में हम कश्तियाँ बनाते हैं
Hameed Sarwar Bahraichi
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हम मुनाफ़िक़ की किसी बात में आएँगे नहीं चाहे तन्हा रहें जज़्बात में आएँगे नहीं ज़र्फ़ वाले हैं मुहब्बत है हमारा पेशा या'नी कुछ भी हो ख़ुराफ़ात में आएँगे नहीं
Hameed Sarwar Bahraichi
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हम तो रोते रहे, गिड़गिड़ाते रहे क्या सितम हम सेे वो दूर जाते रहे मेरी आँखें थीं नम जैसे सैलाब हो फिर भी अपना लहू हम बहाते रहे
Hameed Sarwar Bahraichi
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इन आँखों को तुम्हारे हिज्र में बीमार करने की रही हसरत न कोई अब तुम्हें यूँँ प्यार करने की
Hameed Sarwar Bahraichi
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