ज़िन्दगी इस तरह ही लुटाता रहा प्यार खोता रहा प्यार पाता रहा एक मंज़र ने यूँँ रोक दी ज़िंदगी बारहा सामने मेरे आता रहा
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ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक़ है मेरी तरह उसे भी किताबों का शौक़ है
Charagh Sharma
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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रुक गया है वो या चल रहा है हम को सब कुछ पता चल रहा है उस ने शादी भी की है किसी से और गाँव में क्या चल रहा है
Tehzeeb Hafi
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उस ने वा'दा यही किया मुझ से और फिर भी नहीं मिला मुझ से कैसे दूँगा उसे वही धोखा उस का ज़्यादा है तजरबा मुझ से
anupam shah
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तस्वीर ऐसी आई है कुछ अस्ल में तेरी उलझन भी है राहत भी है कुछ वस्ल में तेरी तू गर डरेगा आज तो तेरा भला होगा पर जान ले जो डर उठेगा नस्ल में तेरी
anupam shah
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लो ख़ुद मुख़्तार होकर देखते हैं कि अपने यार होकर देखते हैं बचे बर्बाद होने से हैं अब तक चलो इस बार होकर देखते हैं यहाँ से मसअला ये हल न होगा इसे उस पार होकर देखते हैं कोई ख़तरा नहीं है दुश्मनी में किसी का प्यार होकर देखते हैं
anupam shah
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या'नी अब उस की मुहब्बत का हलफ़ माँगूँ मैं या'नी अब सुर्ख़ लबों पे मैं सियाही फेंकूँ
anupam shah
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हैं जो बातें ये बस ख़याली हैं और फिर हाथ भी तो ख़ाली हैं
anupam shah
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