zindagi firdaus-e-gum-gashta ko pa sakti nahin maut hi aati hai ye manzil dikhane ke liye
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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इलाही एक ग़म-ए-रोज़गार क्या कम था कि इश्क़ भेज दिया जान-ए-मुब्तला के लिए
Hafeez Jalandhari
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क्यूँँ हिज्र के शिकवे करता है क्यूँँ दर्द के रोने रोता है अब इश्क़ किया तो सब्र भी कर इस में तो यही कुछ होता है
Hafeez Jalandhari
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देखा जो खा के तीर कमीं-गाह की तरफ़ अपने ही दोस्तों से मुलाक़ात हो गई
Hafeez Jalandhari
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किस मुँह से कह रहे हो हमें कुछ ग़रज़ नहीं किस मुँह से तुम ने वा'दा किया था निबाह का
Hafeez Jalandhari
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आने वाले जाने वाले हर ज़माने के लिए आदमी मज़दूर है राहें बनाने के लिए
Hafeez Jalandhari
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