ज़ुल्म जो भी किया गया हम पर सामने सब ख़ुदा के रखना है
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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सोचता हूँ क्या मिरा बनता ख़ुदा के सामने गर न होता या रसूल अल्लाह सहारा आप का
Meem Maroof Ashraf
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यही वो दिन था कि तुझ को गले लगाया था यही वो दिन था कि ख़ुदस बिछड़ गए थे हम
Meem Maroof Ashraf
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कुर्सी पंखा है और रस्सी है और ख़ाली है मेरा कमरा भी
Meem Maroof Ashraf
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क़ुर्बतें दूरियों का बा'इस हैं दूरियाँ क़ुर्बतें बढ़ाती हैं
Meem Maroof Ashraf
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वो दिल कि जिस ने तुझ को अपना समझा मैं अब उस दिल पे लानत भेजता हूँ
Meem Maroof Ashraf
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