aa ki main dekh lun khoya hua chehra apna mujh se chhup kar meri taswir banane wale
Related Sher
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
136 likes
More from Akhtar Saeed Khan
दुश्मन-ए-जाँ ही सही साथ तो इक उम्र का है दिल से अब दर्द की रुख़्सत नहीं देखी जाती
Akhtar Saeed Khan
10 likes
जुर्म की तरह मोहब्बत को छुपा रक्खा है हम गुनहगार नहीं हैं ये बताएँ किस को रूठ जाते तो मनाना कोई दुश्वार न था वो तअ'ल्लुक़ ही न रक्खें तो मनाएँ किस को
Akhtar Saeed Khan
19 likes
ये बे-सबब नहीं आए हैं आँख में आँसू ख़ुशी का लम्हा कोई याद आ गया होगा
Akhtar Saeed Khan
14 likes
बहुत क़रीब रही है ये ज़िन्दगी हम से बहुत अज़ीज़ सही ए'तिबार कुछ भी नहीं
Akhtar Saeed Khan
32 likes
ज़िन्दगी छीन ले बख़्शी हुई दौलत अपनी तू ने ख़्वाबों के सिवा मुझ को दिया भी क्या है
Akhtar Saeed Khan
47 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Akhtar Saeed Khan.
Similar Moods
More moods that pair well with Akhtar Saeed Khan's sher.







