आधा भी गर नसीब अलादीन सा मिले मैं छोड़ कर चराग़ चुनूँ यासमीन को
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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या तो मुझ से वफ़ा निभाओ तुम या फिर मेरा काम-तमाम करो
Milan Gautam
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तुम सुधा बन जाओ और चंदर मैं बन जाऊँ तुम्हारा बस कोई प्रमिला न अपने बीच आए ज़िंदगी-भर
Milan Gautam
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वो जिस की आँखों का दीवाना हूँ मैं उस के बिन दीवाना-पन भी ठीक नहीं
Milan Gautam
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तू है तो है ज़ियाई ज़िंदगी में मेरी यूँँ क़ाएम कहाँ फिर से मैं तुझ सा नूर-गीं पाऊँगा तेरे बिन
Milan Gautam
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ये फ़क़त माँग में भरने से शाज़ सिन्दूर हो जाता है
Milan Gautam
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