तू है तो है ज़ियाई ज़िंदगी में मेरी यूँँ क़ाएम कहाँ फिर से मैं तुझ सा नूर-गीं पाऊँगा तेरे बिन
Related Sher
ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
173 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
More from Milan Gautam
ये ज़ुल्मतें कि चराग़ों पे हावी हो रही हैं वो हुस्न सामने आए सियाही छट जाए
Milan Gautam
0 likes
उस का छूना इक जादू है मरहम-वरहम क्या होता है
Milan Gautam
0 likes
ज़ियादा शक की गुंजाइश नहीं होगी यक़ीं मानो तुम्हारे हिस्से का तुम को समय और फ़ासला दूँगा
Milan Gautam
0 likes
यारो मैं इश्क़ में हुआ हूँ जब से मुब्तला यमराज मेरी जान के चक्कर लगाते हैं
Milan Gautam
0 likes
पहले दिल जुड़ने देना गहराई से जिस्मों को पहले यक-सार नहीं करना
Milan Gautam
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Milan Gautam.
Similar Moods
More moods that pair well with Milan Gautam's sher.







