आदमी ही तो हूँ मैं जैसा भी हूँ कोई अच्छा भी है मेरे अंदर
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ज़िन्दगी तुझ को न जी पाए हम वक़्त ने दर्द दिया जब इतना
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी को ढूँढ़ने में ये जवानी भी गई ख़ूब-सूरत सी हमारी वो कहानी भी गई बचपने में ख़ूब चलती थी हमारी ज़िन्दगी जब से फ़िक्रें आई हैं इस की रवानी भी गई
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी कितनी अजनबी होगी मौत के बा'द जो मिली होगी वो डरा होगा फिर हँसा होगा जब उसे रौशनी मिली होगी
Meem Alif Shaz
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ज़िंदगी तुझ को दिल से न चाहा मगर बन्दगी के लिए चाहना ही पड़ा
Meem Alif Shaz
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ज़िंदा हो के रहना है मुझ को हमेशा तू मिरे दिल मैं हज़ारों ज़ख़्म देदे
Meem Alif Shaz
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