sherKuch Alfaaz

आदमी ने पहन लिए कपड़े वरना वो भी यहाँ वहाँ फिरता

Related Sher

भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है

Tehzeeb Hafi

272 likes

हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं

Vikram Gaur Vairagi

94 likes

फोन भी आया तो शिकवे के लिए फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ रास्ते की मुश्किलें तो जान लूँ आता होगा उस का ठुकराया हुआ

Balmohan Pandey

78 likes

वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता

Parveen Shakir

107 likes

बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने

Zia Mazkoor

106 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Meem Alif Shaz.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Meem Alif Shaz's sher.