आदमी ने पहन लिए कपड़े वरना वो भी यहाँ वहाँ फिरता
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
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फोन भी आया तो शिकवे के लिए फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ रास्ते की मुश्किलें तो जान लूँ आता होगा उस का ठुकराया हुआ
Balmohan Pandey
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
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ज़िन्दगी का बोझ ढ़ोते ढ़ोते कैसे हो गए उन सभी लोगों के चेहरे कितने पीले हो गए
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी की उलझनें बूढ़ा न कर दे रात भर ये सोच कर सोते नहीं हम
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी को ढूँढ़ने में ये जवानी भी गई ख़ूब-सूरत सी हमारी वो कहानी भी गई बचपने में ख़ूब चलती थी हमारी ज़िन्दगी जब से फ़िक्रें आई हैं इस की रवानी भी गई
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी को होंटों से छूने का मन है दर्द भी ग़म भी अगर मुझ को दे मोहलत
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी कितनी अजनबी होगी मौत के बा'द जो मिली होगी वो डरा होगा फिर हँसा होगा जब उसे रौशनी मिली होगी
Meem Alif Shaz
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