आदतन ही तुम्हें याद करती है 'सलमा' मगर दरमियाँ अब हमारे नहीं कोई भी राब्ता
Related Sher
मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
140 likes
बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
126 likes
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
149 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
More from Salma Malik
फिर हम ने दुबारा नहीं माँगा उसे 'सलमा' इक बार ख़ुदा हम सेे जिसे छीन चुका था
Salma Malik
0 likes
यही वो वक़्त है जो आज हम बर्बाद करते हैं यही वो वक़्त है जो लौट कर वापस नहीं आता
Salma Malik
0 likes
कहते हैं इस में हार भी हो जाए तो हार नहीं होती सो इश्क़ की बाज़ी 'सलमा' हम भी इक दिन खेल के देखेंगे
Salma Malik
0 likes
ज़ीस्त की थी जुस्तुजू अब भला हम क्या करें मौत का व्यापार था अब जिएँ या हम मरें सम्त सारी हैं कड़ी मुश्किलें 'सलमा' बड़ी मौत है अब आरज़ू ज़ीस्त का फिर क्या करें
Salma Malik
0 likes
कज़ा की आरज़ू में जीते हैं 'सलमा' वगरना ज़िन्दगी ये मार ही डाले
Salma Malik
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Salma Malik.
Similar Moods
More moods that pair well with Salma Malik's sher.







