आग़ाज़ तो अच्छा नहीं है इस कहानी का मगर ये देखना दिलचस्प होगा अंत क्या होगा भला
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
More from Mohit Subran
वो ख़ुदा क्यूँ न हो प इक ख़्वाहिश हर किसी की अधूरी रहती है
Mohit Subran
0 likes
वक़्त ने छोड़ा न इक हाथ भी इन हाथों में ज़िन्दगी तुझ को गुज़ारूँ तो गुज़ारूँ कैसे
Mohit Subran
0 likes
साथ में रह कर तिरे क्या ख़ूब गुज़रा वक़्त दोस्त याद जब भी करता हूँ सब ज़ख़्म खुल खुल जाते हैं
Mohit Subran
0 likes
न कोई घर न कोई शख़्स कुछ भी तो नहीं बचता हवा जब आग भर के मुँह में बस्ती से गुज़रती है
Mohit Subran
0 likes
सँभल सका न जिसे खा के मैं कभी भी फिर वो ज़ोर से लगी ठोकर अभी भी पाँव में है
Mohit Subran
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Mohit Subran.
Similar Moods
More moods that pair well with Mohit Subran's sher.







