आग़ाज़-ए-चाहत बस ख़ुदस हो जाना है मक़्सद तक ले जाना दिल का अफ़साना है
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किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
Jigar Moradabadi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तड़प के रोए हैं चेहरा अगर छुपाया है कि लोग देख न ले आँख में समुंदर को
arjun chamoli
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ज़िंदगी का राज़-ओ-इल्म बस है इक तहरीर में वो मिलेगा ज़िंदगी में जो लिखा तक़दीर में
arjun chamoli
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ये बताओ इश्क़ का ये फ़लसफ़ा क्या है दूरियाँ जब मिट गई तो अब बचा क्या है
arjun chamoli
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जब भी आता है ये ज़िक्र कैसे भी जन्नत का मेरी बाहों में तेरा सिमटना याद आता है लफ़्ज़ ता'रीफ़ के तेरे सुनते ही शर्माना तेरे गालों का वो सुर्ख़ होना याद आता है
arjun chamoli
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इस से पहले कि ये रुत तबाह हो जाए हम से बस इक हसीन गुनाह हो जाए खो जाना है ये वक़्त आज हो या कल मिल जाए रूह जिस्म गवाह हो जाए
arjun chamoli
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