आईन-ए-इश्क़ है ये रोज़-ए-अज़ल से अब तक मिलता नहीं वफ़ा के बदले वफ़ा हर इक को
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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ये पहेली अज़ल से उलझी है है बुरा हुस्न या है इश्क़ बुरा
A R Sahil "Aleeg"
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ये इश्क़ भी तो है रोलेट ऐक्ट सा जिस में कोई गवाह न कोई सुबूत सिर्फ़ सज़ा
A R Sahil "Aleeg"
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ये वजूद-ए-इश्क़ तुझ को रब मिटाना ही पड़ेगा हुस्न के हाथों वफ़ा होता है रुस्वा देख हर पल
A R Sahil "Aleeg"
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ठीक है साहिल को साहिल भी बनाया आपने बे-वफ़ाई भी तो की हो ये भी सच है मान लो
A R Sahil "Aleeg"
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तस्फ़िया-नफ़्स को करें हासिल हर दुआ पर ख़ुदा कहेगा कुन
A R Sahil "Aleeg"
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