आज फिर रोया है शजर कोई आज फिर तू ने टहनियाँ तोड़ी
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
183 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from Meem Alif Shaz
ज़िंदा हो के रहना है मुझ को हमेशा तू मिरे दिल मैं हज़ारों ज़ख़्म देदे
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़िंदा हो के रहना है मुझ को हमेशा तू मिरे दिल को हज़ारों ज़ख़्म दे दे
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़माने ने ग़लत को सच कहा है ज़माने की ख़राबी है हमीं से
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़रूरत ही नहीं अब हम को मुंसिफ की कि अब क़ातिल ही ख़ुद इंसाफ़ करता है
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़रूरी तो नहीं है चाँद निकले बुराई इस क़दर जब फैल जाए
Meem Alif Shaz
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Meem Alif Shaz.
Similar Moods
More moods that pair well with Meem Alif Shaz's sher.







