ज़रूरत ही नहीं अब हम को मुंसिफ की कि अब क़ातिल ही ख़ुद इंसाफ़ करता है
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ज़िन्दगी तुझ को न जी पाए हम वक़्त ने दर्द दिया जब इतना
Meem Alif Shaz
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ज़िंदगी तुझ को दिल से न चाहा मगर बन्दगी के लिए चाहना ही पड़ा
Meem Alif Shaz
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उस को हम से बेवफ़ाई करनी थी वो कर गई अब उठो यारों कहीं चलते हैं खाना खाने हम
Meem Alif Shaz
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वैसे तो लोगों से काफ़ी रौनक है तुम आती तो महफ़िल में ख़ुशबू होती
Meem Alif Shaz
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ये बारिश फिर होगी बरसात का मौसम है इक घर फिर ढ़ह जाएगा मात का मौसम है
Meem Alif Shaz
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