आज नफ़रत है भले मेरी ग़ज़ल से तुम को लेकिन गुनगुनाओगी इन्हीं ग़ज़लों को कल जब इश्क़ होगा
Related Sher
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
More from A R Sahil "Aleeg"
ये वजूद-ए-इश्क़ तुझ को रब मिटाना ही पड़ेगा हुस्न के हाथों वफ़ा होता है रुस्वा देख हर पल
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
उम्र सारी लगा दो नाप न पाओगे कभी है जो ये इश्क़ मेरा ला-मुतनाही ठहरा
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
उम्र सारी इश्क़ में दी काट अपनी इस लिए कुछ कर न पाया ज़िंदगी में
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
उस को होता है हर इक रोज़ नए शख़्स से इश्क़ उस के इस शौक़ पे अब ख़ाक है हैराँ होना
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
मुझ पर ये ज़ुल्म-ए-हुस्न कोई कम नहीं यहाँ बोसे की ख़्वाहिशात शिकायत के साथ साथ इस आशिक़ी ने मुझ को सुख़न-वर बना दिया मैं शे'र कह रहा हूँ मुहब्बत के साथ साथ
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on A R Sahil "Aleeg".
Similar Moods
More moods that pair well with A R Sahil "Aleeg"'s sher.







