मुझ पर ये ज़ुल्म-ए-हुस्न कोई कम नहीं यहाँ बोसे की ख़्वाहिशात शिकायत के साथ साथ इस आशिक़ी ने मुझ को सुख़न-वर बना दिया मैं शे'र कह रहा हूँ मुहब्बत के साथ साथ
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ये वजूद-ए-इश्क़ तुझ को रब मिटाना ही पड़ेगा हुस्न के हाथों वफ़ा होता है रुस्वा देख हर पल
A R Sahil "Aleeg"
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ये पहेली अज़ल से उलझी है है बुरा हुस्न या है इश्क़ बुरा
A R Sahil "Aleeg"
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वो गिरफ़्तार जो करे तो फिर गेसुओं के क़फ़स में मर जाए ये तमन्ना है एक आशिक़ की इश्क़ की दस्तरस में मर जाए
A R Sahil "Aleeg"
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तस्फ़िया-नफ़्स को करें हासिल हर दुआ पर ख़ुदा कहेगा कुन
A R Sahil "Aleeg"
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जो ज़ाए हो गए सो हो गए उन पर गिरा दो ख़ाक मगर अब इश्क़ में कोई भी आँसू मत गिरा देना
A R Sahil "Aleeg"
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