आज तक है बात अपनी यूँँ अधूरी पास लेकिन बढ़ रही है रोज़ दूरी
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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ज़िंदगी की तलाश करता हूँ रोज़ हो कर हताश मरता हूँ
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी मेरी नहीं है जानता हूँ ज़िंदगी की चाल मैं पहचानता हूँ
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी में मौत हम को यूँँ छुपा कर दी गई है रब तिरी नायाब क्या कारीगरी देखी गई है
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी है बना बना घर भी ज़िंदगी है घना घना घर भी
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी चल तो रही सब की हवा से दर्द मिटता है किसी का अब दवा से
Vinod Ganeshpure
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