ज़िंदगी चल तो रही सब की हवा से दर्द मिटता है किसी का अब दवा से
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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पद से बड़े भी लोग वो होंगे मगर दिल के बड़े ही हो ज़रूरी तो नहीं
Vinod Ganeshpure
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ये बात क्या कम है लगी मुझ को अभी देखा मुझे नम आँख जो उस की हुई
Vinod Ganeshpure
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यूँँ जहाँ में कहीं पर खड़ा हो गया आदमी फिर वहीं पे बड़ा हो गया
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी तू एक जन्नत आज होती मैं तिरा जो इश्क़ होता काश पहला
Vinod Ganeshpure
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यूँँ मुझे देख कर लगा होगा है बड़ी ज़िंदगी हसीं अपनी
Vinod Ganeshpure
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