यूँँ जहाँ में कहीं पर खड़ा हो गया आदमी फिर वहीं पे बड़ा हो गया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ज़िंदगी की तलाश करता हूँ रोज़ हो कर हताश मरता हूँ
Vinod Ganeshpure
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पद से बड़े भी लोग वो होंगे मगर दिल के बड़े ही हो ज़रूरी तो नहीं
Vinod Ganeshpure
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वक़्त ने हम पे लगाए जाल कितने जेब में कौड़ी नहीं थी साल कितने
Vinod Ganeshpure
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वक़्त जिन को दिया बहुत हम ने लोग वो वक़्त ही नहीं देते
Vinod Ganeshpure
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वक़्त के मुल्य को जो न समझे अगर फिर कभी वक़्त मिलता नहीं है उसे
Vinod Ganeshpure
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