वक़्त के मुल्य को जो न समझे अगर फिर कभी वक़्त मिलता नहीं है उसे
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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ज़रा देख है बोझ कितना कभी बैठ कर सोच अपना
Vinod Ganeshpure
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ज़िक्र मेरा अगर किया उस ने आज फिर रो वहीं दिया उस ने
Vinod Ganeshpure
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यूँँ सुना दूँ मैं कहानी जो अभी पर ज़िंदगी पहले सदी तक देख लूॅं मैं
Vinod Ganeshpure
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यूँँ मुझे देख कर लगा होगा है बड़ी ज़िंदगी हसीं अपनी
Vinod Ganeshpure
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यूँँ जहाँ में कहीं पर खड़ा हो गया आदमी फिर वहीं पे बड़ा हो गया
Vinod Ganeshpure
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