ज़रा देख है बोझ कितना कभी बैठ कर सोच अपना
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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ये सब गॅंवा कर क्या मिला तुझ को बता ये ज़िंदगी पीछे नहीं जाती कभी
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी तू एक जन्नत आज होती मैं तिरा जो इश्क़ होता काश पहला
Vinod Ganeshpure
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ये बात क्या कम है लगी मुझ को अभी देखा मुझे नम आँख जो उस की हुई
Vinod Ganeshpure
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ये कमी मेरी बताए जा रही है ये नमी तेरी सताए जा रही है
Vinod Ganeshpure
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ये कहानी ख़त्म होती ही नहीं है नींद ख़्वाबों के लिए रोती नहीं है
Vinod Ganeshpure
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