aaj to jaise din ke sath dil bhi ghurub ho gaya sham ki chae bhi gai maut ke dar ke sath sath
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
Jaun Elia
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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वो बहुत दूर है मगर मिरे पास एक ही सम्त का कराया है
Idris Babar
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टेंशन से मरेगा न कोरोने से मरेगा इक शख़्स तेरे साथ न होने से मरेगा
Idris Babar
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इस से पहले कि ज़मीं-ज़ाद शरारत कर जाएँ हम सितारों ने ये सोचा है कि हिजरत कर जाएँ दौलत-ए-ख़्वाब हमारे जो किसी काम न आई अब किसी को नहीं मिलने की वसिय्यत कर जाएँ
Idris Babar
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सुना है मरते नहीं प्यार में अनारकली तो कैसा लगता है दीवार में अनारकली?
Idris Babar
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उस का नंबर नहीं किसी ने लिया सब समझते रहे परी होगी
Idris Babar
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