आज तुलसी में पानी दे कर वो चल पड़ा पेड़ काटने के लिए
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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ता-क़यामत अमर नहीं होता मैं सुख़नवर अगर नहीं होता
रूपम कुमार 'मीत'
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इस जहाँ के लिए आँखों में कशिश है ही नहीं मैं किसी और ही मंज़िल का मुसाफ़िर निकला
रूपम कुमार 'मीत'
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दिल टूटने का ग़म भी न महसूस कर सके बेहिस बना दिया है ज़माने ने यूँँ हमें
रूपम कुमार 'मीत'
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तीसरे दिन हमें मिली ये ख़बर ज़िंदगी चार दिन की होती है
रूपम कुमार 'मीत'
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कैसे महदूद हो दो मिसरों में एक मुफ़लिस की ज़िंदगी का दुख
रूपम कुमार 'मीत'
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