आज तुम को सोचना है और फिर से रात-भर ख़ुद को जगा कर देखना है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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ज़हरस इतने तो नहीं मरते लोग मरते हैं जितने तानों से
ABhishek Parashar
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मेरी ख़ुशियों का सबब जो पूछे कोई मैं तुम्हारा नाम ले दूँ हँसते हँसते
ABhishek Parashar
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तू नज़्म है आज़ाद है मैं बहर हूँ पाबंद हूँ
ABhishek Parashar
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मैं तिरे हुस्न पे नहीं मरता मैं तिरी शा'इरी पे मरता हूँ इश्क़ तुझ सेे नहीं मगर जानाँ तेरी ग़ज़लों से इश्क़ करता हूँ
ABhishek Parashar
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उस की तस्वीर से करते हैं बात ऑनलाइन वो नहीं होती जब
ABhishek Parashar
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