आजिज़ी से गिर्या-ओ-ज़ारी को करने वाली सुन बाँध लेंगे पल्ले से तुझ को ग़रीबी की तरह
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कोई समुंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता ता'ने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था गले लगा के तुम ने हिजरत का दुख बाट लिया होता
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
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ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
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निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते
Waseem Barelvi
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रख के हर चीज़ भूलने वाली ला तेरा दिल सँभाल कर रख दूँ
Kumar Vishwas
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रेशमी ज़ुल्फ़ों के तुम अपनी इशारे समझो आज रंगीन करें रात क़रीब आ जाओ
Sohaib Alvi
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परमिशन चाहता हूँ देख ये शीशे से मैं बाँधने लग गया हूँ रस्सी को पंखे से मैं
Sohaib Alvi
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बेल उस दर की बजा आया मैं रह गया तकता दरीचा मुझ को
Sohaib Alvi
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तेरा लेना ना इक ना देना दो भाई तू क्यूँँ अकड़ के बैठ गया
Sohaib Alvi
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जब बच्चों के हाथों वालिद की शामत आ जाएगी पैगंबर ने फरमाया था कि कयामत आ जाएगी
Sohaib Alvi
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