आजकल हाल मेरा ऐसा है किसी बंज़र जमीन जैसा है
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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जब भी मिलते हैं तहे दिल से दुआ देते हैं ऐसे होते हैं मोहब्बत को निभाने वाले
Gulshan
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मुरझा गया गुलाब तो अफ़सोस ये हुआ नाहक़ जुदा किया उसे शाख़ों से तोड़ कर
Gulshan
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भूखे थे और भूखे ही रह जाएँगे मर जाएँगे हाथ नहीं फैलाएँगे
Gulshan
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झूठा न बोलिए मुझे झूठा नहीं हूँ मैं कह तो रहा था आपसे अच्छा नहीं हूँ मैं
Gulshan
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तुझे पाकर ज़माने की वफ़ा अच्छी नहीं लगती सिवा तेरे किसी की भी अदा अच्छी नहीं लगती
Gulshan
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