आम से ख़ास यूँँ कर गए वो मुझे होंठों की प्यास यूँँ कर गए वो मुझे वो थे मेरा ह्रदय और ह्रदय तोड़ कर जीते जी लाश यूँँ कर गए वो मुझे
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में
Jitendra "jeet"
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हाल-ए-दिल तुम ने ऐसा बनाया सनम मुझ को दर-दर पे तुम ने घुमाया सनम
Jitendra "jeet"
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उन आँखों पे शे'र कहे कैसे कोई जिन आँखों से बहता दरिया देखा है
Jitendra "jeet"
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झूठों ने बाज़ार लगाया सो इस में सच की तो फिर क़ीमत सस्ती होनी है
Jitendra "jeet"
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मेरी आँखों में आँसू हैं लबों पर है हँसी तेरे ग़मों से गर पड़े पाला तो मुझ को याद कर लेना न बाज़ी जीत पाए हम अगर दूजी मोहब्बत में तेरे हिस्से में आऊँ मैं यही फ़रियाद कर लेना
Jitendra "jeet"
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