आना हो तो आ मुसलसल मिल के जाने के लिए वरना तो फिर आ ही मत धड़कन बढ़ाने के लिए
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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राम कथा में जाने वाले लाखों लोग राम के जैसा बनने वाला एक नहीं
Tanoj Dadhich
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सो गए सारे आशिक़ बिलखते हुए खेल चलना था चलता रहा नियति का
Aditya Kumar 'Chaudhary'
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जिन को जाना है इक दिन चले जाते हैं याद में उन की हम क्यूँ मरे जाते हैं
Aditya Kumar 'Chaudhary'
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मुझ को तेरी आह ने तबाह कर दिया खा गया मुझे तेरा लगाव चौधरी
Aditya Kumar 'Chaudhary'
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थी यही और यही रहेगी भी ग़म मोहब्बत की राजधानी है
Aditya Kumar 'Chaudhary'
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मिल के आया हूँ मैं उस सेे इस दफ़ा हाँ भूला तो नहीं है पर बदल गया है
Aditya Kumar 'Chaudhary'
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