आँखें हम से फिर खेल खेल रही है देखो फिर से ये पीर झेल रही है
Related Sher
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
145 likes
धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
136 likes
प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
138 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त कुछ तो है जो इन के बा'द भी हासिल करना बाक़ी है कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं फिर कहता हूँ पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है
Zia Mazkoor
91 likes
More from Ankit Jha
हमारे दोस्त हम सेे कब के दूर हो गए ज़माना झूठ कहता है के पास है सभी
Ankit Jha
2 likes
एक लड़की वो जो मुझ को सजा दे कर बैठी है एक लड़का मैं जो उस सेे वफ़ा कर के बैठा हूँ
Ankit Jha
3 likes
ज़िंदगी मेरी है तो एक ही काम की है आरज़ू तेरी है बस एक ही नाम की है।
Ankit Jha
2 likes
हर धड़कन धड़क कर कह रही है बस जबरन घुटन ये सह रही है
Ankit Jha
2 likes
आसार नज़र नहीं आते मिलने के तुम सेे आसान मिलन कहाँ होते दिखते है तुझ सेे
Ankit Jha
4 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ankit Jha.
Similar Moods
More moods that pair well with Ankit Jha's sher.







