हर धड़कन धड़क कर कह रही है बस जबरन घुटन ये सह रही है
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता
Tehzeeb Hafi
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ज़ेहन से यादों के लश्कर जा चुके वो मेरी महफ़िल से उठ कर जा चुके मेरा दिल भी जैसे पाकिस्तान है सब हुकूमत कर के बाहर जा चुके
Tehzeeb Hafi
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी मेरी है तो एक ही काम की है आरज़ू तेरी है बस एक ही नाम की है।
Ankit Jha
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हमारे दोस्त हम सेे कब के दूर हो गए ज़माना झूठ कहता है के पास है सभी
Ankit Jha
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आँखें हम से फिर खेल खेल रही है देखो फिर से ये पीर झेल रही है
Ankit Jha
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एक लड़की वो जो मुझ को सजा दे कर बैठी है एक लड़का मैं जो उस सेे वफ़ा कर के बैठा हूँ
Ankit Jha
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कोई तो शौक हो, जो तुम्हें अच्छा लगेगा आ कर तुम देख लो, मैं तुम्हें अच्छा लगूँगा
Ankit Jha
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