आँखों के जो अंदर है आख़िर किस का वो घर है
Related Sher
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
331 likes
भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
105 likes
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
More from Saniya Tasnim
मैं हटा दीन दुनिया से तो यूँँ हुआ बंदगी भी गई ज़िन्दगी भी गई
Saniya Tasnim
0 likes
उसी के हैं दिन रात सारे हमें जो मुयस्सर नहीं है
Saniya Tasnim
0 likes
इक आस रखी थी हम ने भी इक ख़्वाब मिला जो टूटा था जो नाम पुकारा था उस ने वो नाम हमारा झूठा था
Saniya Tasnim
0 likes
ये बाज़ार में फिरने वाले ये इक फ़िराक़ में फिरते हैं
Saniya Tasnim
2 likes
फ़ज़ा में हर-सू जो रा'नाई है ख़बर आमद की उन की आई है
Saniya Tasnim
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saniya Tasnim.
Similar Moods
More moods that pair well with Saniya Tasnim's sher.







