आँखों में कुछ दर्द है और नींद भी आती नहीं कोशिशें करता हूँ पर ये ज़िंदगी भाती नहीं कुछ समय माँगो अगर घंटों तको फिर रास्ते सब सेे अच्छी मौत है आती है टहलाती नहीं
Related Sher
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
More from nakul kumar
जी भर गया है अब तो जी भर चाहने वालों से भाग रहा हूँ मैं भी मुझ सेे भागने वालों से
nakul kumar
1 likes
कहो क्या हो गया जो मिल न पाए यार से अपने निहारो चाँद को फिर यार के घर द्वार को देखो
nakul kumar
1 likes
सोच कर ये मन की मन में मार देते हैं सभी ख़ास बातें हर किसी से तो कही जाती नहीं
nakul kumar
6 likes
ये दिन महीने साल ये रातों का क्या करुँ चुभने लगी हैं अब तिरी बातों का क्या करुँ ये रात हैं जो सात ये मुश्किल से हैं कटीं ये दिन भी तो हैं सात ही सातों का क्या करुँ
nakul kumar
6 likes
ज़िन्दगी अपने लिए ख़ुद मौत बोती जाएगी शाम होते ही घनेरी रात होती जाएगी एक दिन मेरी चिता तैयार कर लेंगे सभी और फिर शाम-ओ-सहर बरसात होती जाएगी
nakul kumar
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on nakul kumar.
Similar Moods
More moods that pair well with nakul kumar's sher.







