आसान है किसी के लिए आँखें भारी करना लेकिन मुश्किल है उम्र भर वफ़ादारी करना दुनिया हर रोज़ निकलती है सुब्ह काम के लिए अपने नसीब में है शायद बेरोज़गारी करना
Related Sher
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
Vikram Gaur Vairagi
94 likes
मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
314 likes
More from karan singh rajput
ये कैसा जादू तू ने कर दिया है मुझ पे मेरी जाँ? किसी को भी मैं देखूँ चेहरा तेरा याद आता है
karan singh rajput
0 likes
याद तुम को भी बहुत आएँगे हम बे-सबब जिस रोज़ मर जाएँगे हम
karan singh rajput
0 likes
फोन तुम करती रहोगी मैं उठाऊँगा नहीं इश्क़ अब भी है मुझे लेकिन बताऊँगा नहीं
karan singh rajput
0 likes
कि जिस ने भी दिया है अपना सब कुछ उसे सच में मिला कुछ भी नहीं है
karan singh rajput
0 likes
कैसे चलाऊँ गोली मैं जब दोस्त ही रकीब है
karan singh rajput
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on karan singh rajput.
Similar Moods
More moods that pair well with karan singh rajput's sher.







