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आशिक़ कई हैं जिन के वो 'सागर' से दिल लगाएँ क्यूँँ

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पड़ेगा कूदना मँझधार में गर चाहिए मोती किसी ने भी नहीं पाया कभी मोती किनारों पर

SAAGAR SINGH RAJPUT

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सागर तो है अब इस पूरी दुनिया का सागर को सागर का रहना था यारो

SAAGAR SINGH RAJPUT

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सभी का है वो बस हमारा नहीं यही बात दिल को गवारा नहीं मुहब्बत ने मेरी है मारा मुझे मुझे मौत ने मेरी मारा नहीं

SAAGAR SINGH RAJPUT

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सभी का मशवरा है ये कि तुझ को भूल जाऊँ मैं अभी मुझ को नहीं मरना उन्हें कैसे बताऊँ मैं तिरे ही साथ जीने और मरने का इरादा है अगर तू दे इजाज़त तो तिरे सपने सजाऊँ मैं

SAAGAR SINGH RAJPUT

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हमें अपना बना लो या हमें तुम मार दो लड़की तुम्हारा जो भी दिल चाहे हमें उपहार दो लड़की तुम्हें हम मान कर अपना कई सालों से बैठे हैं हमें बे-हद ज़रूरत है हमें अब प्यार दो लड़की

SAAGAR SINGH RAJPUT

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