हमें अपना बना लो या हमें तुम मार दो लड़की तुम्हारा जो भी दिल चाहे हमें उपहार दो लड़की तुम्हें हम मान कर अपना कई सालों से बैठे हैं हमें बे-हद ज़रूरत है हमें अब प्यार दो लड़की
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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उदासी जान की दुश्मन बनी है बहुत ख़तरे में मेरी ज़िंदगी है सहारा चाहिए मुझ को तुम्हारा पता इस वक़्त मेरा बम्बई है
SAAGAR SINGH RAJPUT
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ज़रा सा ख़फ़ा हूँ मिरे चाँद से मैं ख़फ़ा किस लिए हूँ उसे भी पता है
SAAGAR SINGH RAJPUT
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सभी का है वो बस हमारा नहीं यही बात दिल को गवारा नहीं मुहब्बत ने मेरी है मारा मुझे मुझे मौत ने मेरी मारा नहीं
SAAGAR SINGH RAJPUT
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मुहब्बत है मुझे तुझ सेे मगर मैं कह नहीं सकता मैं तेरे बिन भी ऐ लड़की क़सम से रह नहीं सकता चली आ तू नदी बनकर मुझे अपना बनाने को मैं सागर हूँ मिरी जाँ इस लिए मैं बह नहीं सकता
SAAGAR SINGH RAJPUT
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मिल जाए गर तो है चैन वर्ना है रोग उल्फ़त सब को पता है
SAAGAR SINGH RAJPUT
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