ज़रा सा ख़फ़ा हूँ मिरे चाँद से मैं ख़फ़ा किस लिए हूँ उसे भी पता है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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तुम्हारी याद में जग कर गुज़रती हैं सभी रातें ग़नीमत है अभी हम को कोई उल्लू नहीं कहता
SAAGAR SINGH RAJPUT
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मेरी आँखों से दरिया निकलने लगा तेरी तस्वीर को जब जलाने लगे
SAAGAR SINGH RAJPUT
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बाज़ार में नसीब का सिक्का जो चल पड़ा आक़िल मिलेगा पैर पे बैठा गँवार के ग़म छोड़ते नहीं हैं मिरा साथ और मैं बैठा हूँ इंतिज़ार में कब से बहार के
SAAGAR SINGH RAJPUT
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मुझ से भी अच्छी मिल जाएगी तुम को रोई है वो लड़की ये कह कर मुझ से
SAAGAR SINGH RAJPUT
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सभी का मशवरा है ये कि तुझ को भूल जाऊँ मैं अभी मुझ को नहीं मरना उन्हें कैसे बताऊँ मैं तिरे ही साथ जीने और मरने का इरादा है अगर तू दे इजाज़त तो तिरे सपने सजाऊँ मैं
SAAGAR SINGH RAJPUT
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