आसमाॅं में ख़्वाब कितने ही सजाती चल रही है मैं फ़क़त वो ख़ाक हूँ जो तू उड़ाती चल रही है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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वक़्त के साथ जो कल बदल सकते हैं आज ही मेरे दिल से निकल सकते हैं आप वापस नहीं लौटना चाहते आप बिल्कुल मेरे साथ चल सकते हैं
Neeraj Nainkwal
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तीरगी जैसे निकलती है दिए की रौशनी से एक दिन मैं भी चला जाऊँगा तेरी ज़िंदगी से
Neeraj Nainkwal
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तुम जो होते ख़ूब-सूरत होती और भी ज़िंदगी पर रदीफ़ों के बिना भी ग़ज़लें ग़ज़लें होती हैं
Neeraj Nainkwal
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नज़्मों में ग़ज़लों में अच्छा लगता है इश्क़ मियाँ फिल्मों में अच्छा लगता है
Neeraj Nainkwal
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इस लिए ख़ुद-कुशी नहीं करते बा'द तेरी ख़ुशी का क्या होगा
Neeraj Nainkwal
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