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तुम जो होते ख़ूब-सूरत होती और भी ज़िंदगी पर रदीफ़ों के बिना भी ग़ज़लें ग़ज़लें होती हैं

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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है

Shabeena Adeeb

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा

Santosh S Singh

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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं

Varun Anand

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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं

Azhar Iqbal

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वक़्त के साथ जो कल बदल सकते हैं आज ही मेरे दिल से निकल सकते हैं आप वापस नहीं लौटना चाहते आप बिल्कुल मेरे साथ चल सकते हैं

Neeraj Nainkwal

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मुहब्बत में नया सिस्टम बनाना था बिछड़ कर फिर किसी के पास जाना था वो मेरे सामने रोई कहानी में कहानी जिस में उस को मुस्कुराना था

Neeraj Nainkwal

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लिपट कर मुझ सेे रोने पे उतर आई थी वो पहली बार खुलकर मुस्कुराई थी दिखेंगे कैसे हम दोनों बुढ़ापे में वो फोटो उस ने बचपन में बनाई थी

Neeraj Nainkwal

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रोज़ हिना के हाथों से तुम लाओगी इक गिलास जिस में दूध-मिसरी होनी है

Neeraj Nainkwal

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कभी जब मैं ने चाहा आख़िरी मिलना मेरे मिलने पे बोली फिर कभी मिलना कहीं तो मिल ही जाएगी मुहब्बत यार मगर मुश्किल है अच्छी दोस्ती मिलना

Neeraj Nainkwal

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