लिपट कर मुझ सेे रोने पे उतर आई थी वो पहली बार खुलकर मुस्कुराई थी दिखेंगे कैसे हम दोनों बुढ़ापे में वो फोटो उस ने बचपन में बनाई थी
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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वक़्त के साथ जो कल बदल सकते हैं आज ही मेरे दिल से निकल सकते हैं आप वापस नहीं लौटना चाहते आप बिल्कुल मेरे साथ चल सकते हैं
Neeraj Nainkwal
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तुम जो होते ख़ूब-सूरत होती और भी ज़िंदगी पर रदीफ़ों के बिना भी ग़ज़लें ग़ज़लें होती हैं
Neeraj Nainkwal
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आज, कल और अगले कल तक मुझ को रोना है अज़ल तक
Neeraj Nainkwal
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जहाँ पर तीरगी है रौशनी करना ख़ुदा सबके मुक़द्दर में ख़ुशी करना मिरे बच्चों मिरी बस एक ख़्वाहिश है बड़े होकर के तुम भी शा'इरी करना
Neeraj Nainkwal
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उस ने पूछा ही नहीं तब घर में आने के लिए मैं गया था पास जिस के दिल लगाने के लिए
Neeraj Nainkwal
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