आ समाँ पे जा चुकी है जो ज़मीं की बात है जो कहीं से सुन रहे हैं वो कहीं की बात है
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बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
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ज़हर पीने से क्या होता है ‘अभी’ मर तो लोग इश्क़ में भी जाते हैं
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
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वो राह-ए-इश्क़ में मुझ सेे कहीं बिछड़ा तो था पर अब भी साथ चलता है मेरे साया बनकर
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
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लगा लिया है अब तो मरहम भी क्यूँँ मेरे ज़ख़्म भर नहीं जाते
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
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क़यामत का ही तो गवाह हूँ मैं मोहब्बत में ही तो तबाह हूँ मैं
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
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मेरे कमरे में मैं नहीं रहता मेरे कमरे में धुआँ रहता है
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
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