आसमाँ से मुलाक़ात की है मगर मैं ज़मीं का वो चेहरा नहीं भूलता आज दरिया ख़ुशी का मिला हो भले पर ग़मों का वो सहरा नहीं भूलता
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
More from Vardaan
सज गया आज दिल ये मेरा दोस्तों दर्द वर बन गया तो वधू बेबसी
Vardaan
0 likes
वक़्त तस्वीर लेता है जब भी मेरी कहती है ज़िन्दगी मुस्कुरा दे ज़रा
Vardaan
0 likes
उम्र उस के वादे की रोज़ घटती जाती थी सो मेरी मोहब्बत ने हाथ रख दिया सर पर
Vardaan
0 likes
मशक़्क़त करेंगे मैं और तुम वफ़ा पर हमारी मोहब्बत में बरकत रहेगी
Vardaan
0 likes
ख़ुद-कुशी की धूप लगती जब मुझे साया तब माँ–बाप का कर लेता हूँ
Vardaan
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vardaan.
Similar Moods
More moods that pair well with Vardaan's sher.







