आत्मा के इक नहीं सौ-सौ ठिकाने है मगर देह का निश्चित है जाना एक दिन शमशान में
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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मैं ज़िन्दगी में आज पहली बार घर नहीं गया मगर तमाम रात दिल से माँ का डर नहीं गया बस एक दुख जो मेरे दिल से उम्र भर न जाएगा उस को किसी के साथ देख कर मैं मर नहीं गया
Tehzeeb Hafi
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शा'इरी ये हुस्न और ये इश्क़ की बातें जनाब इक समय तक ठीक है फिर छोड़ देनी चाहिए
Ravi 'VEER'
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ख़्वाबों को देखने से मिला कुछ नहीं मुझे लेकिन शब-ए-ज़ुल्मत से गिला कुछ नहीं मुझे
Ravi 'VEER'
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ख़ूब-सूरत पैरहन है ख़ूब-सूरत ये अदा और उस पर मुस्कुराहट जँच रही हो आज तुम
Ravi 'VEER'
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जिस तरह पत्ते गिरे है शाख़ से ठीक वैसे ही गिरा हूँ यार मैं नासमझ था मैं बहुत पहले मगर अब बहुत ही सरफिरा हूँ यार मैं
Ravi 'VEER'
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कितने आशिक़ ढेर हुए हैं आँखों पर उतने जितने शे'र हुए हैं आँखों पर
Ravi 'VEER'
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