अब फ़क़त साँसे बचीं हैं दोस्तों हम तो कब का ज़िंदगी से मर गए
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तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है
Unknown
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ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी यूँँ ही बातें बनाते हैं हम जी
Jaun Elia
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये जो कुछ लोग कुछ भी लिखते हैं तुम इसे शा'इरी नहीं समझो
Shadab Asghar
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किसी के झूठ से पर्दा हटाकर हमारा सच बहुत रोया था उस दिन
Shadab Asghar
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दवाई बन नहीं पाई अभी तक पहेली है वो बीमारी अभी तक कोई अब पूछने वाला नहीं है ये रोटी क्यूँ नहीं खाई अभी तक पिताजी कल ये कह के रो पड़े हैं कुँवारी है बहन बड़की अभी तक मुहब्बत कर ही लेता हूँ नई मैं यही आदत नहीं छूटी अभी तक ख़ुदा जाने मिरी मिस्टेक क्या है वो लड़की मुझ सेे है रूठी अभी तक
Shadab Asghar
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मुझ में है क्या कमी ये बतला दो कैसों कैसों को मिल गया है इश्क़
Shadab Asghar
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मुझे इक बात कहनी थी अगर मुझ को इजाज़त हो तुम्हीं मेरी मुहब्बत हो मुहब्बत हो मुहब्बत हो
Shadab Asghar
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