ये जो कुछ लोग कुछ भी लिखते हैं तुम इसे शा'इरी नहीं समझो
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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अब फ़क़त साँसे बचीं हैं दोस्तों हम तो कब का ज़िंदगी से मर गए
Shadab Asghar
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तुम इन लबों की हँसी और ख़ुशी पे मत जाना ये रोज़ रोज़ हमें भी फ़रेब देते हैं
Shadab Asghar
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तू है मुस्लिम वो पण्डित की बेटी है उस लड़की पर तेरा मरना ठीक नहीं
Shadab Asghar
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कलेंडर, दिन ,महीने साल बदले और इक मैं हूँ मुझे कल भी मुहब्बत थी, मुझे अब भी मुहब्बत है
Shadab Asghar
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तुझे भुला भी दिया फिर भी तेरे पास रहा परिंदे उड़ गए लेकिन कफ़स उदास रहा
Shadab Asghar
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