अब इस लिए नहीं आती बहार घर मेरे कि इक गुलाब का दिल मेरे हाथों टूट गया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम अपनी बात पे क़ाएम हो आख़िरी दम तक हटाओ छोड़ो ये ख़्वाब-ओ-ख़याल की बातें
Haider Khan
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हमारे आबा-ओ-अज्दाद से विरासत में ज़मीं नहीं न सही पर हमें किताब मिले
Haider Khan
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ये और बात कि तुझ से गिला नहीं करते वगरना अपनी नज़र से छिपा तो कुछ भी नहीं
Haider Khan
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उस के हाथों में कुद्रत ने ऐसी दी है मसीहाई सीने पर वो हाथ रखे तो ज़ख्म-ए-दिल भर जाता है
Haider Khan
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बातें करो तो ऐसी कि दुनिया यक़ीं करे ये क्या कि तुम को मेरा कोई मिस्ल मिल गया
Haider Khan
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